अष्ट मुखी रुद्राक्ष धारण करने से बनी रहती है श्रीगणेश की कृपा

aath mukhi rudrakshaआठ मुखी अथवा अष्ट मुखी रुद्राक्ष पर आठ धारियां होती हैं। आठ मुखी रुद्राक्ष भगवान गणेश का स्वरुप है। श्रीगणेश सभी देवों में प्रथम पूज्य हैं। आठ मुखी रुद्राक्ष को अष्टमूर्ति— पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश, सूर्य, चंद्र और यजमान रुप साक्षात शिव शरीर माना जाता है। मानव, भगवान की बनाई आठ प्रकृति — भूमि, आकाश, जल, अग्नि, वायु, मन, बुद्धि वह अहंकार के अधीन होता है। आठ मुखी रुद्राक्ष धारण करने से आठों प्रवृत्तियां मदद करती है, जिससे आठों दिशाओं में विजय प्राप्त होती है। जिस तरह से सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने वालों की सात माताएं रक्षा करती हैं, उसी प्रकार आठ मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से अष्ट देवी रक्षा करती हैं।

इसे पहनने से भगवान गणेश की कृपा सदैव जातक पर बनी रहती है, जिससे वह लेखन, कला, ​रीद्धि, सिद्धि आदि की प्राप्ति होती है तथा दुर्घटना व शत्रुओं से रक्षा होती है। इसे धारण करने से प्रेत बाधा का डर नहीं रहता। आठ मुखी रुद्राक्ष को भगवान भैरव का स्वरुप भी माना जाता है। इसके बारे में मान्यता है कि इसको पहनने से कोर्ट कचहरी के मामलों में असफलता का मुंह जातक को नहीं देखना पड़ता है। दैविक, दैहिक एवं भौतिक कष्टों का निवारण होता है। अष्ठ मुखी रुद्राक्ष पहनने से अन्न, धन तथा स्वर्ण की वृद्धि होती है। दुष्ट स्त्री, गुरु पत्नी गमन के पापों से मुक्ति मिलती है तथा यह मनुष्य को अंतर्मुखी बनाकर उसके जीवन की समस्त उथल पुथल को समाप्त करता है।

आठ मुखी रुद्राक्ष – Aath Mukhi Rudraksh

आठ मुखी रुद्राक्ष आठ दिशाओं और आठ सिद्धियों का नेतृत्व करता है। इस रुद्राक्ष को पहनने से गंगा में नहाने जैसा पुण्य मिलता है। आठ मुखी रुद्राक्ष (Eight Mukhi Rudraksh) का स्वामी ग्रह राहु है। मान्यता है कि पूरे विधि-विधान और पवित्र कर पहने गए इस रुद्राक्ष से भैरव बाबा प्रसन्न होते हैं। इस रुद्राक्ष को सोमवार, अमावस्या या पूर्णिमा के दिन पहनना शुभ माना जाता है।

आठ मुखी रुद्राक्ष के फायदे

* जिन जातकों की कुंडली में राहु की दशा की वजह से परेशानियों हो रही हों उन्हें इसे धारण करने से सफलता और शांति मिलती है।
* इस रुद्राक्ष को धारण करने से भय और अकाल मृत्यु का डर मन से पूरी तरह निकल जाता है।
* आठ मुखी वाला रुद्राक्ष को धारण करने से मनुष्य पूर्णायु होता है और मृत्यु के पश्चात् शंकर जी के गणों में शामिल होता है।
आठ मुखी रुद्राक्ष का मंत्र (Mantra of 8 Mukhi Rudraksh)
* आठ मुखी रुद्राक्ष के लिए “ऊँ हुं नम:” (Om Hum Namah) मंत्र का जाप करना चाहिए।

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एक मुखी रुद्राक्षदो मुखी रुद्राक्षतीन मुखी रुद्राक्षचार मुखी रुद्राक्षपांच मुखी रुद्राक्ष

छह मुखी रुद्राक्षसात मुखी रुद्राक्षआठ मुखी रुद्राक्षनौ मुखी रुद्राक्षदस मुखी रुद्राक्ष

ग्यारह मुखी रुद्राक्षबारह मुखी रुद्राक्षतेरह मुखी रुद्राक्षचौदह मुखी रुद्राक्ष

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