shivling 1 ganeshavoice.in हर मुश्किल को दूर कर सकता है शिव का ये चमत्कारी स्तोत्र Lingashtakam Stotra
ज्योतिष जानकारी धर्म दर्शन राशिफल

हर मुश्किल को दूर कर सकता है शिव का ये चमत्कारी स्तोत्र Lingashtakam Stotra

Lingashtakam Stotra : हर व्यक्ति के जीवन में सुख और दुख का सिलसिला चलता रहता है। लेकिन कभी कभी वक्त की मार इतनी तेज पड़ती है कि व्यक्ति के​ लिए स्थितियों को झेल पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में आपकी तकलीफ को दूर कर सकता है शिव का ये अत्यंत चमत्कारी और शक्तिशाली लिंगाष्टकम् स्तोत्र। लिंगाष्टकम् स्तोत्र का जिक्र शिवलिंग की उपासना के लिए शिव पुराण में किया गया है।

shivling 1 ganeshavoice.in हर मुश्किल को दूर कर सकता है शिव का ये चमत्कारी स्तोत्र Lingashtakam Stotra

जीवनसाथी की तलाश हुई आसान! फ्री रजिस्ट्रेशन करके तलाश करें अपना हमसफर

समस्या है तो समाधान भी है, विद्वान ज्योतिषी से फ्री में लें परामर्श

शिवलिंग को भगवान शिव का साकार रूप माना जाता है। मान्यता है कि यदि रोजाना व्यक्ति शिवलिंग को जल और बेलपत्र अर्पित करने के साथ इस महाशक्तिशाली लिंगाष्टकम् स्तोत्र का पाठ करे, तो कितना ही मुश्किल समय क्यों न हो, उसे हर समस्या का हल मिल जाता है और वो कुछ ही समय में कष्टों से मुक्त हो जाता है। मान्यता है कि इसे पढ़ने से शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अनन्य कृपा बरसाते हैं। स्वयं देवता भी इस स्तोत्र से शिव की स्तुति करते हैं। अगर आपके जीवन में भी ऐसे कष्ट हैं, जिनको आप चाहकर भी दूर नहीं कर पा रहे हैं, तो शिव की शरण में जाकर इस स्तोत्र का पाठ करें। आठ श्लोकों वाला ये स्तोत्र आपकी हर मुश्किल को दूर कर सकता है।

चंद्र ग्रहण 2021 पर रहे सावधान, आ सकती है प्राकृतिक आपदाएं 

ये है लिंगाष्टकम् स्तोत्र
1. ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्,

जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्.

2. देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम्,

रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्.

3. सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्,

सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्.

4. कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम्,

दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्.

5. कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम्,

सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्.

6. देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्,

दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्.

7. अष्टदलोपरिवेष्टितलिङ्गं सर्वसमुद्भवकारणलिङ्गम्,

अष्टदरिद्रविनाशितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्.

8. सुरगुरुसुरवरपूजितलिङ्गं सुरवनपुष्पसदार्चितलिङ्गम्,

परात्परं परमात्मकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्.

लिङ्गाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेत् शिवसन्निधौ

शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते

दूध के इन आसान उपायों से दूर होंगे आर्थिक संकट, हो सकती है तरक्की 

शिव का साकार रूप है शिवलिंग
शिव पुराण की कथा के अनुसार भगवान शिव के शिवलिंग स्वरूप को आनादि और अनंत माना गया है। मान्यता है कि सृष्टि में सबसे पहले भगवान शिव इतने विशाल शिवलिंग के साथ प्रकट हुए थे कि स्वयं ब्रह्मा और विष्णु भी इसके ओर छोर का पता लगा पाने में असमर्थ हो गए थे। माना जाता है कि उसी अनंत शिवलिंग से प्रणव मंत्र का नाद हुआ, जिससे सारी सृष्टि की उत्पत्ति हुई है। यही वजह है कि शिवलिंग की पूजा अनादि काल से हो रही है। प्राचीन काल की सभ्यताओं में भी इसके तमाम साक्ष्य सामने आए हैं। शिव का साकार रूप मानी जाने वाली शिवलिंग अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती है।

ज्योतिष के चमत्कारी उपाय, फ्री सर्विस और रोचक जानकारी के लिए ज्वाइन करें हमारा टेलिग्राम चैनल

Google News पर हमसे जुड़ने के लिए हमें यहां क्लीक कर फॉलो करें।

ज्योतिष, धर्म, व्रत एवं त्योहार से जुड़ी ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें और ट्वीटर @ganeshavoice1 पर फॉलो करें।

maheshshivapress
महेश के. शिवा www.ganeshavoice.in के मुख्य संपादक हैं। जो सनातन संस्कृति, धर्म, संस्कृति और हिन्दी के अनेक विषयों पर लिखतें हैं। इन्हें ज्योतिष विज्ञान और वेदों से बहुत लगाव है।
http://ganeshavoice.in