1612505377 257 1 ganeshavoice.in कब है मोक्षदा एकादशी? जानिये तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा Mokshada Ekadashi 2021
राशिफल व्रत एवं त्यौहार

कब है मोक्षदा एकादशी? जानिये तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा Mokshada Ekadashi 2021

Mokshada Ekadashi 2021: हिंदू धर्म में एकादशी को बेहद ही महत्वपूर्ण माना गया है। एक साल में कुल 24 एकादशी आती हैं यानी एक महीने में दो एकादशी आती हैं। पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूरे श्रद्धा भाव से पूजा की जाती है। इसी के साथ महर्षि वेद व्यास और श्रीमद् भागवत गीता के भी पूजन का विधान है।

1612505377 257 1 ganeshavoice.in कब है मोक्षदा एकादशी? जानिये तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा Mokshada Ekadashi 2021

जीवनसाथी की तलाश हुई आसान! फ्री रजिस्ट्रेशन करके तलाश करें अपना हमसफर

समस्या है तो समाधान भी है, विद्वान ज्योतिषी से फ्री में लें परामर्श

इस साल मोक्षदा एकादशी 15 दिसंबर को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मोक्षदा एकादशी के दिन व्रत के प्रभाव से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। व्रतियों के सभी पापों का नाश होता है और उनकी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। हिंदू धर्मग्रंथों के मुताबिक इसी खास दिन पर भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।

दिसंबर में किन वस्तुओं के बढ़ेंगे भाव, शेयर बाजार का क्या होगा हाल ? 

शुभ मुहूर्त
तिथि प्रारंभ: 13 दिसंबर, रात 9 बजकर 32 मिनट से शुरू होगी।
तिथि समाप्त: 14 दिसंबर रात को 11 बजकर 35 मिनट पर एकदाशी तिथि समाप्त हो जाएगी।
मोक्षदा एकादशी का व्रत भी 14 दिसंबर, मंगलवार के दिन रखा जाएगा।

पूजा विधि: मोक्षदा एकादशी के दिन सुबह उठक नित्यकर्म से निव्रत होकर भगवान श्रीहरि विष्णु की विधिवत् पूजा करनी चाहिए। साथ ही, उनके मंत्रों का जाप करना भी लाभकारी माना जाता है। व्रत का पारण द्वादशी तिथि को करना चाहिए। द्वादशी के दिन व्रतियों को पहले ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए और उन्हें दक्षिणा देने के बाद ही खुद प्रसाद ग्रहण करना चाहिए।

सोई किस्मत को जगाते हैं ये सरल उपाय, कंगाली दूर होकर मिलता है धन

कथा: पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा वैखानस चंपा नगर के प्रतापी राजा थे। उन्हें सभी वेदों का ज्ञान था। इतना भला राजा पाकर नगरवासी भी बेहद संतुष्ट व सुखी रहते थे। एक बार स्वप्न में राजा को अपने पिता दिखाई दिए, जो नरक में कई यातनाएं झेल रहे थे।

राजा ने जब ये बात अपनी पत्नी को बताई तो रानी ने उन्हें आश्रम जाने का सुझाव दिया। वहां पहुंचकर राजा ने पर्वत मुनि को अपने सपने के बारे में बताया। पूरी बात सुनने के बाद मुनि ने राजा से कहा कि तुम्हारे पिता ने अपनी पत्नी पर बेहद जुर्म किए थे, इसलिए अब मरणोपरांत वे अपने कर्मों का फल भोग रहे हैं।

नववर्ष शुरू होने से पहले कर लें ये जरूरी काम, वरना पूरे साल होगा पछतावा 

जब राजा ने इसका उपाय जानना चाहा तो पर्वत मुनि ने उन्हें मोक्षदा एकादशी करने की सलाह दी और कहा कि इससे प्राप्त फल को वो अपने पिता को समर्पित कर दें। राजा ने पूरे विधि-विधान का पालन कर ये व्रत रखा और उनके पिता को अपने कुकर्मों से मुक्ति मिल गई। तब से ही ये माना जाता है कि मोक्षदा एकादशी न केवल जीवित बल्कि पितरों को भी प्रभावित करती है।

ज्योतिष के चमत्कारी उपाय, फ्री सर्विस और रोचक जानकारी के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें और ट्वीटर @ganeshavoice1 पर फॉलो करें।

ज्योतिष, धर्म, व्रत एवं त्योहार से जुड़ी ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए  ज्वाइन करें हमारा टेलिग्राम चैनल

Google News पर हमसे जुड़ने के लिए हमें यहां क्लीक कर फॉलो करें।

maheshshivapress
महेश के. शिवा www.ganeshavoice.in के मुख्य संपादक हैं। जो सनातन संस्कृति, धर्म, संस्कृति और हिन्दी के अनेक विषयों पर लिखतें हैं। इन्हें ज्योतिष विज्ञान और वेदों से बहुत लगाव है।
http://ganeshavoice.in