lemon 600 13 1497347079 1 ganeshavoice.in क्या सच में बुरी नजर से बचाता है नींबू-मिर्च? nimbu mirchi totka
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क्या सच में बुरी नजर से बचाता है नींबू-मिर्च? nimbu mirchi totka

nimbu mirchi totka : भारत में हर दुकान, प्रतिष्ठान के बाहर आपने नींबू-मिर्च लटकते अवश्य देखा होगा। अपने व्यवसाय को बुरी नजर से बचाने केे टोटके के रूप में इसका चलन आम है। हमारे यहां नींबू मिर्च का जोड़ इतना लोकप्रिय है कि इसने भी अलग से एक छोटे से व्यवसाय का रूप ले लिया है। हर कोई ये जानता है कि दरवाजे पर नींबू मिर्च लटकाना व्यापार के लिए शुभ है, पर इसके पीछे की ठोस अवधारणा से सभी परिचित नहीं हैं।

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इस तथ्य से तो आप सभी परिचित होंगे कि विश्व में केवल अच्छा कुछ नहीं है। हर वस्तु, हर व्यक्ति, हर व्यक्तित्व अच्छे-बुरे को मिलाकर बना है। जहां अच्छाई है, वहां बुराई भी है। हम अपने हर परिचित में कुछ बहुत अच्छे, तो कुछ बहुत बुरे गुणों को देख सकते हैं क्योंकि संसार में कोई भी चीज केवल अच्छी है ही नहीं। आप रोग को ठीक करने के लिए जो दवा भी लेते हैं, उसके भी साइड इफेक्ट्स होते हैं। अच्छाई और बुराई के इसी संगम के लिए आजकल ग्रे शेड्स शब्द चलन में आया है। इसी अवधारणा के अनुरूप दरिद्रा अलक्ष्मी का स्वरूप संदर्भित होता है।

धन की अधिष्ठात्री, सभी की परम प्रिय मां लक्ष्मी के साथ ऐसा उल्लेख सुनकर आप हैरान हो सकते हैं। दरिद्रा अलक्ष्मी, मां लक्ष्मी का ही नकारात्मक अस्तित्व हैं। लक्ष्मी की समस्त नकारात्मकता, उनके व्यक्तित्व का ग्रे शेड दरिद्रा अलक्ष्मी के रूप में साकार होता है। यह तो सभी जानते हैं कि दैवीय शक्तियों की नकारात्मकता भी बिना कारण अस्तित्व नहीं पाती। इसी तरह मां लक्ष्मी का दरिद्रा स्वरूप भी अकारण नहीं है।

इनका अस्तित्व लक्ष्मी की अवमानना, अनादर करने वाले को दंड देने के लिए हुआ है। स्वाभाविक है कि इनके उल्लेख मात्र से सभी का मन कांपने लगता है, इसीलिए दरिद्रा लक्ष्मी को संतुष्ट करने के उपाय भी खोजे गए। माना जाता है कि दरिद्रा अलक्ष्मी को तीखा और खट्टा भोजन अतिप्रिय है। मीठे से वे दूर भागती हैं और तीखे, खट्टे भोजन की तलाश में हर जगह जाती हैं। उनकी इसी पसंद को पूरा करने के लिए प्रतिष्ठानों के द्वार पर नीबू मिर्च लटकाए जाते हैं।

इसके पीछे उद्देश्य यह रहता है कि दरिद्रा अलक्ष्मी अपनी पसंद की वस्तु द्वार पर ही पाकर संतुष्ट हो जाएं और अंदर प्रवेश ना करें। इस तरह मां भी प्रसन्न रहें और हम भी अमंगल से बचे रहें। आपने अक्सर सुना होगा कि घर की गृहणी को तीखा और खट्टा खाने को मना किया जाता है और उन्हें मीठा खिलाने को प्राथमिकता दी जाती है। इसके पीछे धारणा यही है कि भारत में गृहणी को गृहलक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। माना जाता है कि उनके मीठा खाने से घर में धन, संपत्ति का भंडार बढ़ता है, वहीं उनका तीखा, खट्टा पसंद करना दरिद्रा अलक्ष्मी को आमंत्रण माना जाता है।

कुल मिलाकर संपूर्ण मानव जाति धन, वैभव और ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए उद्यत है। ऐसे में लक्ष्मी के क्रोध का भागी कौन बनना चाहेगा। हालांकि यह अपने-अपने विश्वास पर निर्भर करता है, पर अगर आपका भी भरोसा इन बातों में है तो अपनाइए नीबू मिर्च और लक्ष्मी जी के हर रूप को प्रसन्न और संतुष्ट रखिए।

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महेश के. शिवा www.ganeshavoice.in के मुख्य संपादक हैं। जो सनातन संस्कृति, धर्म, संस्कृति और हिन्दी के अनेक विषयों पर लिखतें हैं। इन्हें ज्योतिष विज्ञान और वेदों से बहुत लगाव है।
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