astrology copy 1 ganeshavoice.in ज्योतिषीय उपायों में छिपा है विज्ञान, जानिए ये उपाय कैसे करते हैं काम ?
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ज्योतिषीय उपायों में छिपा है विज्ञान, जानिए ये उपाय कैसे करते हैं काम ?

ज्योतिषीय उपायों में छिपा है विज्ञान :  विश्लेषण समाप्ति के पश्चात जातक का अगला सवाल होता है “ज्योतिषीय उपायों को लेकर”। हम सभी को एक बात स्पष्ट कर दें कि कोई भी ज्योतिषी आपके लिए अपने निजी समय से समय निकालकर कुंडली पर मेहनत करता है, वो सिर्फ “अपने समय” की Fees लेता है ना कि आपके “भाग्य बदलने की” और कोई भी आपका भाग्य नहीं बदल सकता, सिवाय स्वंय आपके, ये बात आप चाहो तो गाँठ बाँधकर लिख लीजिये। भाग्य बदलने का काम तो सिर्फ “बाबा” लोग करते हैं।

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वैदिक या लालकिताब के ज्योतिषीय उपाय शत-प्रतिशत विज्ञान पर आधारित है जो आपको विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म से जोड़े रखते है, प्रकृति के साथ आपके शरीर के पंचतत्वों में भी संतुलन बनाये रखते हैं, साथ ही आपकी मानसिकता को सकारात्मक बनाये रखते है। ज्योतिषीय उपायों में आपको “रत्न, व्रत, पूजा-पाठ-यज्ञ-हवन आदि, दान-दक्षिणा, धातुओं का उपयोग, विभिन्न पशु-पक्षियों को आहार उपलब्ध कराना, रंगों के माध्यम से चिकित्सा और कुछ योगासन बताये जाते है।”
आपके शरीर के वजन का प्रत्यक्ष संबंध आपकी तात्कालिक या दीर्घकालिन संभावित बीमारियों से होता है। Underweight या Overweight दोनों ही अच्छे स्वास्थ्य में बाधक होते है, अतः आपके शरीर में जो ग्रह वजन के माध्यम से बीमारी देने वाला है, आपके वजन के बराबर उस ग्रह से संबंधित चीजों का या तो दान करवाया जाता है या उस से संबंधित चीजों को पानी में बहाने को कहा जाता है।

पुराने जमाने में ताँबे के सिक्के पानी मे डाले जाते थे, क्योंकि तांबा पानी को साँफ करता है। इसी तरह लकड़ी के बने कोयले भी पानी मे बहाने से भी पानी साफ होता है। खाद्य सामग्री जैसे गुड़, मूँग आदि पानी मे डालने से आप मछलियों और अन्य जलाचारी जीवों के खाने की व्यवस्था करते हो। गाय-कुत्ते आदि को अन्न खिलाकर आप प्राकृतिक संतुलन में अपना योगदान देते हो। उपवास सभी करते है पर जो लोग ज्ञान के अभाव में उपवास नही करते ज्योतिष उन्हें उनके ग्रहो के अनुसार उपवास का दिन चयन करने में मदद करते हैं।
दान-दक्षिणा से आप समाज के निर्धन और गरीब ब्राह्मण की आर्थिक मदद करते हो या ये समझ लीजिए कि उनके बच्चे के पेट में जाने वाले बिस्कुट की हर दुआओं में आपकी लंबी उम्र की दुआ होती है। धार्मिक और ज्योतिषीय संबंधित पूजा-पाठ की चीजे या रत्न-धातु खरीदने से आप बाजार की आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों के रोजगार में अपना योगदान देते हो।

पूजा-पाठ से परिवार में शांति, मान-सम्मान और धार्मिक माहौल बना रहता है। मन में चोरी-डकैती या बलात्कार जैसे कुविचार नहीं आते। ज्योतिषियों द्वारा ग्रह-विशेष के तिलक जैसे हल्दी, दही, केशर, लाल तिलक, कमिया सिंदूर आदि से भी आपको फायदा होता है। कोई भी तिलक करें पर वैदिक ज्योतिष पर आधारित चीजो का ही करें। मिर्च-मसाले, नमक या शरीर से श्रवित होने वाले किसी भी चीज का तिलक ना करे। रक्त तिलक, पशुबलि या नरबली किसी का भी उल्लेख वैदिक ज्योतिष में नहीं है।
रत्नों के माध्यम से आपकी मानसिकता सकारात्मक रहती है और किसी भी कार्य में सफलता की उम्मीद बनी रहती है, साथ ही आपकी उंगलियाँ सुंदर और आकर्षित भी लगती है।
धातुओं के प्रयोग जैसे कड़े, ताबीज, यंत्र, बर्तन से आपके शरीर में पंचतत्वों में संतुलन बना रहता है। गले में सोने-चाँदी की चेन या हाथ मे ताँबे—चाँदी, अष्टधातु के कड़े से स्वास्थ्य संबंधीत बहुत फायदे होते हैं।
प्रातः सूर्य नमस्कार करने से आपका शरीर तंदरुस्त रहता है, मंगल को भी बल मिलता है। प्रातः की ताजा हवा के लाभ से तो सभी परिचित होंगे। सभी प्रकार के उपाय किसी ना किसी विज्ञान और धर्म से जुड़े ही रहते है। अतः धर्म की रक्षा हेतु आपकी आर्थिक स्थिति को मद्देनजर रखते हुए आपसे जो भी उपाय संभव हो करने चाहिये।

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महेश के. शिवा www.ganeshavoice.in के मुख्य संपादक हैं। जो सनातन संस्कृति, धर्म, संस्कृति और हिन्दी के अनेक विषयों पर लिखतें हैं। इन्हें ज्योतिष विज्ञान और वेदों से बहुत लगाव है।
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